August 22, 2026

एम्स भोपाल में साक्ष्य-आधारित जीवनशैली प्रबंधन पर व्याख्यान का आयोजन

भोपाल: 19 जनवरी 2025

एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में, शरीरक्रिया विज्ञान विभाग ने “साक्ष्य-आधारित जीवनशैली प्रबंधन: पोषण, मनोरंजन, उचित नींद, और सामाजिक जुड़ाव” विषय पर व्याख्यान आयोजित किया। इस व्याख्यान की मुख्य वक्ता एम्स नागपुर की डीन (अकादमिक) और शरीरक्रिया विज्ञान विभाग की प्रोफेसर एवं प्रमुख (डॉ.) मृणाल फातक थीं। प्रो. फातक ने गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की रोकथाम और प्रबंधन में जीवनशैली हस्तक्षेपों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने संपूर्ण पौध-आधारित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, उचित नींद, स्वच्छता और सामाजिक संबंधों को बढ़ावा देने जैसी साक्ष्य-आधारित रणनीतियाँ साझा कीं, साथ ही वास्तविक जीवन के मामलों के अध्ययन द्वारा इन रणनीतियों के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाया। प्रोफेसर फातक ने व्यायाम के लिए एफआईटीटी सिद्धांत (आवृत्ति, तीव्रता, समय, प्रकार) और तनाव प्रबंधन के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

इस अवसर पर प्रो. सिंह ने कहा, “यह व्याख्यान समग्र स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साक्ष्य-आधारित जीवनशैली अपनाकर, हम रोगी देखभाल को और भी प्रभावी और संवेदनशील बना सकते हैं।” यह व्याख्यान, शरीरक्रिया विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. संतोष वाकोड़े के देखरेख में आयोजित किया गया, जिसमें संकाय सदस्यों, छात्रों और स्वास्थ्य पेशेवरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस मौके पर, क्लिनिकल दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए डीन (अकादमिक) और मेडिसिन विभाग के प्रमुख, डॉ. रजनीश जोशी ने रोगी देखभाल में जीवनशैली परिवर्तनों को शामिल करने के महत्व को दर्शाया। साथ ही, एनाटॉमी विभाग की प्रोफेसर एवं प्रमुख, डॉ. बर्था ने संतुलित पोषण, नियमित व्यायाम और सकारात्मक सोच के माध्यम से स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया।

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