August 31, 2026

उपचुनाव की तैयारी के लिए सभी पार्टियां किल कांटे दुरूस्त करने में लगी, फिर बसपा अध्यक्ष बनीं मायावती

लखनऊ
उपचुनाव की तैयारी के लिए सभी पार्टियां किल कांटे दुरूस्त करने में लगी है। साथ ही प्रदेश की राजनीति में पिछड़ती हुई बसपा अपनी वजूद वापस लाने के लिए खुल कर सियासी लड़ाई लड़ने जा रही है। इसी क्रम में आज यानि मंगलवार को लखनऊ में बसपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक हुई है।

इस अहम बैठक में देश और प्रदेश के पदाधिकारी शामिल हुए हैं।  मायावती एक बार फिर से राष्ट्रीय अध्यक्ष बनी हैं। मायावती 2003 से लगातार पार्टी की अध्यक्ष चुनी जा रही हैं। इस बैठक में बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद बने रहेंगे। खबर थी कि उन्हें कई अन्य राज्यों का भी जिम्मा दिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में दो राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव और उत्तर प्रदेश उपचुनाव को लेकर चर्चा होगी। हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में गठबंधन को लेकर भी कुछ फैसला हो सकता हैं। यूपी उपचुनाव में बाकी की सीटों पर प्रत्याशियों के नामों का भी ऐलान आज हो सकता हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद मायावती बैठक को भी संबोधित करेंगी।

गौरतलब है कि हर पांच साल में बसपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होती है। इस बैठक में पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाता है. मायावती पहली बार 18 सितंबर 2003 को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनी गई थीं।  तब से आज तक वे इस पद पर बनी हुई हैं। हालांकि, इस बीच मायावती के संन्यास लेने की ख़बरें भी आईं जिसका मायवती ने खंड करते हुए कहा कि अभी वह राष्ट्रीय अध्यक्ष बनी रहेंगी।

 

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