बांधवगढ़
मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ में एक और हाथी की मौत हो गई। कुछ दिनों पहले पथपना में एक छोटा हाथी मां से बिछड़ गया था, इसके बाद वह बीमार हो गया था। वन विभाग ने हाथी को उसके झुंड से अलग करके उसका रेस्क्यू किया और उसका उपचार शुरू किया था। रेस्क्यू करने के बाद छोटे जंगली हाथी को बांधवगढ़ के ताला स्थित रामा कैंप पहुंचा दिया गया था। जहां उसे डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया। बीमार हाथी के बारे में यह जानकारी सामने आई थी कि वह अपनी मां से बिछड़ गया है और भूख के कारण बीमार हो गय। बीमार हाथी की आयु तीन से चार महीने की बताई गई है।
ताला कैंप में रखकर की जा रही थी देखभाल
उमरिया जिले के विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों के ऊपर आपदा का क्रम थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार की सुबह पार्क प्रबंधन को पनपथा बफर इलाके के छतवा जमुनिहा के जंगल में जंगली हाथी शावक बीमार अवस्था में मिला था। बेहाल अवस्था में मिले जंगली हाथी को पार्क प्रबंधन ने रेस्क्यू कर अपने कब्जे में लिया है और उसका उपचार किया था। हाथी शावक को पार्क के ताला हाथी कैंप में रखकर देखभाल की जा रही थी।
तेरह हाथियों का झुंड
बताया गया था कि जिस झुंड का छोटा हाथी बीमार हुआ था, वह भी तेरह हाथियों का ही था। तेरह हाथियों में से बाकी के 12 हाथी स्वस्थ्य बताए जा रहे हैं। हालांकि उन पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि छोटा जंगली हाथी किसी वस्तु को खाने से बीमार हुआ है या फिर किसी और कारण से वह अस्वस्थ्य हुआ था।
यह जानकारी जरूर सामने आ रही है कि बीमार हुए छोटे हाथी के शरीर में कंपन हो रहा था। उसने कई जगह लीद भी भी की थी। बीमार हुए जंगली हाथी की जानकरी मिलने के बाद जब वन प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सबसे ज्यादा समय छोटे हाथी का रेस्क्यू करने में लगा था। दरअसल बीमार हाथी को उसके झुंड से अलग करना मुश्किल काम था।

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