लखनऊ
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री को बड़ा झटका लगा है. रामपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने उन्हें डूंगरपुर मामले में सात साल की सजा सुनाई है.रामपुर के डूंगरपुर में मकान तोड़े जाने के चर्चित मामले में पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान को धारा 452 के तहत 7 वर्ष की सजा तथा ₹5,00,000 जुर्माना व धारा 427 में 2 वर्ष की सजा और एक लाख जुर्माना और धारा 504 506 में 2 वर्ष की सजा और ₹100000 जुर्माना की सजा सुनाई गई है.
इसके अतिरिक्त रामपुर के पूर्व पुलिस उपाधीक्षक सिटी आले हसन खान और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अजहर अहमद खान सहित तीन लोगों को धारा 452 के तहत 5 वर्ष की सजा और ₹200000 जुर्माना तथा 427 ,506 ,504 के अंतर्गत एक-एक वर्ष की सजा और 50-50 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई गई.यह सजा रामपुर के एमपी एमएलए विशेष अदालत सेशन ट्रायल डॉ विजय कुमार की अदालत ने सुनाई है.
आकाश सक्सेना ने दी प्रतिक्रिया
आजम खान को सजा दिए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता और रामपुर से विधायक आकाश सक्सेना ने कहा कि यह गंभीर मामला था. लूट का मामला था. कोर्ट का फैसला बहुत ऐतिहासिक है. इस फैसले से उन लोगों को होश में आना चाहिए, सरकारी अधिकारियों और बाकी लोगों को कि सरकार में बैठे बड़े लोगों को खुश करने के लिए पदों का दुरुपयोग किया.
सक्सेना ने कहा कि जिन लोगों ने पुरानी सरकार में अत्याचार किया उन सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी. आजम खान के खिलाफ लड़ाई और मजबूत हो रही है. रामपुर किसी का गढ़ नहीं है. ये केवल लोगों का खौफ़ था. आज वक्त सबको जवाब दे रहा है.
आले हसन का जिक्र करते हुए सक्सेना ने कहा कि पूर्व अधिकारी ने रामपुर की जनता पर अत्याचार किया और लोगों को बेघर किया.

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