भोपाल
भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह एक नए उत्साह और भावना से भरा रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस समारोह के लिये चंदेरी की पारम्परिक शिल्पकारी से बनी पगड़ी (साफा) पहनकर राज्य के बुनकरों और उनके अमूल्य योगदान का सम्मान किया। यह पगड़ी न केवल उन मेहनतकश हाथों की कला का प्रतीक है, जो हर धागे में हमारे देश की आत्मा को बुनते हैं, बल्कि यह युवाओं के लिए एक प्रेरणा भी बनी कि वे अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ें और उसे आगे बढ़ाएं। इससे समारोह स्थल पर पूरे वातावरण में गर्व और सम्मान की भावना भर गई। इस अवसर पर उपस्थित बुनकरों, शिल्पकारों और संस्कृति प्रेमियों ने मुख्यमंत्री के इस आत्मीयतापूर्ण कदम का हृदय से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह कदम बुनकरों के प्रति राज्य शासन की संवेदनशीलता एवं सम्मान का प्रतीक है, जो हमारे देश की आत्मनिर्भरता और सदैव स्वदेशी अपनाने के देशज मूल्यों को पुनर्जीवित करता है। समारोह में मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे हमारे समृद्ध हथकरघा एवं हस्तशिल्प उद्योग से जुड़ें और इस प्राचीन विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं। उन्होंने कहा कि नवाचार से परम्पराओं को परिष्कृत किया जा सकता है और अब हमें इसी दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

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