मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अयोध्या धाम से लौटने पर भोपाल विमान तल पर हुआ स्वागत
भगवान रामलला के गर्भ-गृह में दर्शन करना अविस्मरणीय क्षण रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए रामजन्म भूमि न्यास और कारसेवकों का किया धन्यवाद
भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सपत्निक आज अपने मंत्री-मंडल के सदस्यों के साथ अयोध्या धाम में भगवान रामलला के दर्शन करने के बाद भोपाल पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का राजा भोज हवाई अड्डा पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पुष्पमाला से आत्मीय स्वागत किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मंत्री- मंडल के सभी सदस्यों ने आनंद के साथ यात्रा का लाभ उठाया। अयोध्या में भगवान रामलला के गर्भ-गृह में दर्शन करके जीवन का सबसे अविस्मरणीय क्षण का अनुभव हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रामजन्म भूमि न्यास और उससे जुड़े सभी कारसेवकों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने भगवान श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए सर्वस्व न्योछावर किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन कारसेवकों का भी स्मरण किया, जिन्होंने अपना बलिदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति के अनुष्ठान का जो कार्यक्रम चल रहा है , यह उसका उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2 हजार साल पूर्व सम्राट विक्रमादित्य ने अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर का निर्माण कराया था। अयोध्या और मध्यप्रदेश के घनिष्ट संबंध है। मध्यप्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता को भगवान श्रीराम का अशीर्वाद मिलता रहे और राज्य सरकार जन कल्याण और विकास के कार्य करती रहे इसके लिए भी प्रार्थना की। भगवान श्रीराम दयालू हैं, सब पर दया करते हैं, निश्चित ही उनका आशीर्वाद प्रदेश की जनता को मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में स्थित श्रीराम मंदिर में सपत्निक एवं मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों के साथ भगवान रामलला का दर्शन एवं पूजन कर जगत के मंगल व कल्याण की कामना की।

More Stories
मध्यप्रदेश पुलिस गरबा महोत्सव: डीजीपी मकवाणा ने मां अम्बे की आरती कर किया गरबा महोत्सव का शुभारंभ
राजेश कुमार ओगरे ने मऊगंज कलेक्टर का संभाला पदभार, प्रशासनिक व्यवस्था की ली जानकारी
भोपाल मंडल पर तत्काल आरक्षण हेतु टोकन वितरण की नई एवं पारदर्शी व्यवस्था 01 अगस्त 2026 से लागू