भोपाल
मध्य प्रदेश में साइबर ठगी का हाई प्रोफाइल मामला सामने आया है. जालसाज ने मोहन यादव सरकार में मंत्री कृष्णा गौर के बेटे को बेटे निशाना बनाया है. लेबर सप्लाई का ठेका दिलाने के नाम पर आकाश गौर से 3.19 लाख का चूना लगा दिया गया.
पूर्व मंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर के पोते आकाश गौर की शिकायत पर साइबर क्राइम ब्रांच ने 9 नवंबर को अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है. उन्होंने बताया कि जालसाज ने महिन्द्रा कंपनी में लेबर सप्लाई, ट्रांसपोर्ट का ठेका दिलाने का झांसा देकर रकम हड़पी है.
वारदात को अंजाम देने के लिए जालसाज ने डीएसपी साइबर क्राइम की मिलती जुलती ई-मेल आईडी का बैंक अकाउंट खुलवाने में उपयोग किया गया. आकाश ने बताया कि 20 मार्च 2024 को प्राइवेट कंपनी महिन्द्रा में लेबर सप्लाई के टेंडर दिलाने का फोन कॉल आया. कॉलर ने पूछा कि आप लेबर सप्लाई का काम करते हैं.
मंत्री के बेटे से लाखों की धोखाधड़ी
आकाश ने बताया कि ठेकेदारी करते हैं. कॉलर ने कहा कि आपको काम का टेंडर मिल जाएगा. आपको क्यूआर कोड पर एक एंट्री करनी होगी और काम अलॉट हो जाएगा. जालसाज ने आकाश के व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भेजकर निर्धारित शुल्क जमा करने को कहा.
जालसाज ने जानें कैसे लगाया चूना
झांसे में आए आकाश ने जालसाज के कहे अनुसार अलग अलग बैंक खातों से रकम ट्रांसफर कर दिये. ठगी का अहसास होने के बाद आकाश ने टोल फ्री नंबर 1930 पर भी शिकायत दर्ज कराई थी. साइबर क्राइम ब्रांच की टीम धोखाड़ी के हाई प्रोफाइल मामले की जांच कर रही है. बता दें कि साइबर जालसाज ठगी के नये नये तरीके निकाल रहे हैं. मध्य प्रदेश में साइबर अपराधियों के निशाने पर आम आदमी के साथ अब वीआईपी भी हैं. वर्तमान में डिजिटल अरेस्ट कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा है.

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