कोटा.
शिक्षा नगरी कोटा में मेडिकल छात्र के आत्महत्या करने को लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि कोचिंग छात्रों की आत्महत्या के लिए केवल संस्थानों को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि उनके माता-पिता और मित्र मंडली का भी आत्महत्या के मामलों में योगदान होता है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि हर मामले में कोचिंग संस्थान ही दोषी हो, ऐसा नहीं है। कुछ प्रतिशत मामलों में आत्महत्या के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं।
छात्रों के आत्महत्या के मामले में माता-पिता और छात्र की संगत भी दोषी है। माता-पिता अपने बच्चों से उनकी क्षमता से अधिक उपलब्धि हासिल करने की उम्मीद करते हैं, ऐसे में केवल कोचिंग संस्थानों को ही दोष नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मां-बाप अपने बच्चों से अपनी क्षमता से अधिक के लक्ष्य हासिल करने की अपेक्षा करते हैं लेकिन जब पूरी कोशिश करने के बाद भी बच्चा माता-पिता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाता तो आत्महत्या कर लेता है।

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