भोपाल
महिला एवं बाल विकास विभाग की लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित विमानन, उर्जा, पशुपालन एवं डेयरी, सामान्य प्रशासन विभाग, जनसंपर्क विभाग की योजनाओं के लिए ये विभाग राशि अब वित्त विभाग की अनुमति लेने के बाद ही निकाल सकेंगे। द्वितीय अनुपूरक में मिली राशि का संतुलित उपयोग करने के लिए वित्त विभाग ने यह निर्देश जारी किए है
सामान्य प्रशासन विभाग की मुख्यमंत्री अनुदान योजना, विमानन विभाग की विमानन संचालनालय मद, उर्जा विभाग में विद्युत वितरण कंपनियों को उदय के तहत अंशपूंजी प्रदाय करने, पशुपालन एवं डेयरी विभाग में दूध, अंडा, ऊन एवं मांस की उपलब्धता के अनुमान, जनसंपर्क विभाग में कार्यक्रम आयोजन एवं प्रबंधन, विशेष अवसरों पर प्रचार, इलेक्ट्रानिक मीडिया पर प्रचार, प्रिंट मीडिया और महिला एवं बाल विकास विभाग में लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए राशि निकालने के लिए अब वित्त विभाग की अनुमति लेना जरुरी होगा।
सोलह विभागों की विभिन्न योजनाओं में सक्षम प्राधिकारी से योजना की अनुमति उपरांत राशि आहरित की जा सकेगी। इसमें मुख्यमंत्री एयर एंबुलेंस सेवा, मुख्यमंत्री सहकारी दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना, पुलिस हाऊसिंग विशेष केन्द्रीय सहायता योजना, जेलों में सकारात्मक कार्य, सहकार से समृद्धि, दबाव सिंचाई प्रणाली के तहत सूक्ष्म सिचाई योजना, प्रधानमंत्री ई बस संचित निधि से भुगतान, पीएम जनमन समग्र शिक्षा, ई विधान परियोजना, मुख्यमंत्री हेली पर्यटन सेवा, प्रधानमंत्री गतिशक्ति अंतर्गत विशेष केन्द्रीय सहायता से गोदामों के निर्माण, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस योजना में राशि निकासी के लिए सक्षम अधिकारी की अनुमति जरुरी होगी। शेष 31 विभागों की 123 योजनाओं में राशि खर्च करने के लिए किसी प्रकार की रोक नहीं रहेगी।
इधर, फिर खुले बाजार से फिर दो हजार करोड़ का कर्ज लेगी सरकार
मध्यप्रदेश सरकार बार-बार खुले बाजार से कर्ज लेकर इन्फ्रास्ट्रक्चर के बाकी कामों को पूरा कर रही है और योजनाओं का संचालन कर रही है। इस महीने 27 फरवरी को राज्य सरकार एक बार फिर बाजार से दो हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है।
राज्य सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मुंबई ऑफिस के जरिए कोर बैंकिंग साल्यूशन ई कुबेर सिस्टम से ऑनलाईन इसके लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए है। जो वित्तीय संस्थाएं, कंपनियां राज्य सरकार को कर्ज देने की इच्छुक है वे 27 फरवरी को सुबह साढ़े दस बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक अपने प्रस्ताव ऑनलाईन इलेक्ट्रानिक रूप से दे सकेंगी। जिन कंपनियों के प्रस्ताव बेहतर होंगे और जो कंपनियां राज्य सरकार को उसकी शर्तो को पूरा करते हुए बेहतर ब्याज दर के विकल्प पर कर्ज देने को तैयार होंगी बिड खोलकर उनका 28 फरवरी को परीक्षण किया जाएगा। सबसे बेहतर कंपनी से राज्य सरकार यह कर्ज लेगी। इस कर्ज की अदायगी राज्य सरकार 28 फरवरी 2044 तक करेगी।

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