रायबरेली
कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी अब राजस्थान से राज्यसभा का रुख कर चुकी हैं। इसके बाद से ही रायबरेली सीट को लेक अब पोस्टरबाजी का दौर भी शुरू हो गया है। हालांकि, अब तक कांग्रेस ने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन अटकलें तेज हैं कि राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इस गढ़ से चुनावी डेब्यू कर सकती हैं। पार्टी ने अब तक यहां उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है। वहीं, अमेठी सीट को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर प्रदेश की इस हाईप्रोफाइल सीट पर कई जगह प्रियंका गांधी के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं। इनमें से एक पोस्टर पर पढ़ा जा सकता है, 'रायबरेली की यही पुकार प्रियंका गांधी जी अबकी बार।' खास बात है कि आजादी के बाद से ही रायबरेली कांग्रेस का गढ़ रहा है। 2019 में यहां से सोनिया गांधी ने जीत दर्ज की थी।
मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय बताते हैं, 'रायबरेली की जनता का कांग्रेस और गांधी परिवार के साथ लगाव को यह पोस्टर दिखाता है। इस बात में कोई शक नहीं है कि कैडर और पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएं भी इसी तरह की हैं। अगर हमारी नेता यहां से लड़ने का फैसला करती हैं, तो हम उनके साथ खड़े हैं।' खास बात है कि राजस्थान से राज्यसभा का रुख करने के बाद सोनिया ने रायबरेली की जनता के नाम एक पत्र भी लिखा था। इस पत्र के जरिए उन्होंने संकेत दिए थे कि यहां से गांधी परिवार का ही कोई सदस्य मैदान में उतर सकता है। सोनिया इस सीट से 2004 से ही लगातार चुनाव जीत रही हैं। अब तक भारतीय जनता पार्टी ने भी रायबरेली सीट से पत्ते नहीं खोले हैं।
रायबरेली का इतिहास
साल 1999 में सोनिया गांधी ने अमेठी से पहली बार जीत दर्ज की थी। यहां से उनके पति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी भी सांसद रह चुके थे। साल 2004 में सोनिया ने रायबरेली का रुख किया था।

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