खंडवा
मध्य प्रदेश के खंडवा रेलवे जंक्शन पर देर रात एक मालगाड़ी डिरेल हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया और तुरंत रेलवे स्टाफ और कामगारों को बुलाकर, दुर्घटना स्थल पर मालगाड़ी के डिब्बे को वापस पटरी पर लाने की कवायद शुरू की गई। इस दौरान मौके पर रेलवे के सभी स्थानीय अफसरों के साथ ही बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
इस घटना की सूचना तुरंत भुसावल में बैठे रेलवे के आला अधिकारियों के साथ ही मुंबई मुख्यालय में मौजूद रेलवे अफसरों को भी दी गई। उनकी देखरेख में ही सुधार कार्य शुरू करवाया गया। हालांकि इस दौरान रेलवे के स्थानीय अधिकारियों ने कोशिश की कि उनकी लापरवाही के चलते हुई इस घटना की जानकारी किसी को न लग सके। इसके चलते खंडवा जंक्शन के अधिकारियों ने मीडिया कर्मियों को भी घटना के फोटो वीडियो लेने से रोक दिया और उनसे बदतमीजी की।
रेलवे के चार जोनों को जोड़ने वाले देश के इकलौते खंडवा नगर के रेलवे स्टेशन और यहां मौजूद घासपुरा स्थित रेलवे माल गोदाम के बीच एक मालगाड़ी डिरेल हो गई। घटना गुरुवार शुक्रवार की दरमियानी रात की है, जब यह मालगाड़ी खंडवा जंक्शन से करीब एक किलोमीटर दूर लोहारी नाके के समीप थी। इस दौरान माल गोदाम की ओर जा रही मालगाड़ी के डिब्बे का एक पहिया पटरी से उतर गया। घटना की जानकारी मिलते ही खंडवा स्टेशन मास्टर और इंजीनियरिंग स्टाफ सहित रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी और कामगारों का अमला मौके पर पहुंचा, जिसके बाद मालगाड़ी का डिब्बा रेल से अलग कर सुधार कार्य शुरू किया गया। हालांकि देर रात तक डिब्बे को पटरी पर लाने का सुधार कार्य किया जा रहा था।
रेलवे अधिकारियों के लापरवाही के चलते हो रहे हादसे
वहीं, इस दौरान मीडिया कर्मियों को खबर लगने के बाद जब वे देर रात घटना स्थल पर पहुंचे, तो वहां मौजूद रेलवे के स्थानीय आला अधिकारियों ने उन्हें इस घटना के बारे में किसी और को बताने से मना करते हुए घटना से जुड़े फोटो और वीडियो लेने से रोक दिया। हालांकि इसको लेकर जब मीडिया कर्मियों ने स्थानीय रेल अधिकारियों से बात करनी चाही तो रेलवे सुरक्षा बल के स्टाफ द्वारा उन्हें धमकाया भी गया। उनके मोबाइल छुड़ाकर उसमें से घटना से जुड़े फोटो और वीडियो डिलीट करने की कोशिश की गई।
बता दें कि हाल ही में खंडवा के ही प्लेटफार्म क्रमांक 6 के करीब एक मालगाड़ी डिरेल होते हुए यहां लगे ओवरहेड हाईटेंशन बिजली के तीन से चार खंभों को क्षतिग्रस्त कर चुकी थी। इसके बाद मालगाड़ी के डिरेल होने की स्टेशन के समीप की यह दूसरी घटना है। जिससे कि यह साफ दिखता है कि यहां रेलवे के अधिकारियों की लापरवाही के चलते ही इस तरह के हादसे हो रहे हैं और इसे वे मीडिया पर दबाव बनाकर आम लोगों से छुपाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।

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