भोपाल
सिंगापुर के शिक्षा मॉडल के आधार पर मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों को सिंगापुर भेजने की तैयारी की जा रही है। राज्य शिक्षा केंद्र इसकी रूपरेखा तैयार कर रहा है। यात्रा पर उन शिक्षकों का चुनाव होगा जो इनोवेटिव हैं। प्रस्ताव अभी प्रारंभिक स्थिति में है।
इस यात्रा को एक्सपोजर विजिट नाम दिया गया है। बताया कि जिन देशों में शिक्षा को बेहतर माना जाता है उसके कारण विभाग तलाश रहा है। पढ़ाने के तरीके समझने शिक्षकों को साथ रखा जा रहा है। यात्रा कब होगी इसकी तारीख अभी तय नहीं है। ऐसी उम्मीद है कि परीक्षा के बाद इसका शेड्यूल तय हो सकता है। परीक्षा फरवरी में शुरू होगी और मार्च में खत्म हो रही हैं।
इससे पहले कोरिया की यात्रा कर चुके
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी और शिक्षक इससे पहले कोरिया की यात्रा कर चुके हैं। करीब पांच साल पहले इन्हें भेजा गया था। करीब डेढ़ सौ लोगों ने इसमें हिस्सा लिया था। यात्रा पर करीब पांच करोड़ रुपए खर्च हुआ था। कोरिया से लौटने के बाद दल की समीक्षा तो हुई लेकिन इसका क्या फायदा हुआ इसका असर नहीं दिखा। ये भी एक्सपोजर विजिट थी।
बेहतर एजुकेशन सिस्टम में शामिल सिंगापुर
सिंगापुर की शिक्षा व्यवस्था विश्व के दस सबसे बेहतर एजुकेशन सिस्टम में से एक हैं। यहां हाइली ट्रेंड शिक्षक। कक्षाओं में इनोवेशन, विज्ञान गणित के साथ शारीरिक शिक्षा पर जोर हैं।
इससे पहले हिमाचल प्रदेश के शिक्षक सिंगापुर का दौरा कर चुके हैं। शिक्षा व्यवस्था में सुधार और नई तकनीक जानने शिक्षकों के साथ अधिकारियों को भी भेजा था। प्रदेश में राज्य शिक्षा केंद्र के अधिकारी अभी इस यात्रा को लेकर खुलकर बोलने तैयार नहीं है।

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