इंदौर
रविवार का दिन शहर के लिए बेहद खास रहा। ट्रैफिक जाम की समस्या को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिसमें एलआईजी से नौलखा तक एलिवेटेड ब्रिज का प्रोजेक्ट शामिल है। करीब चार साल से लंबित एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य 15 दिन में शुरू होने जा रहा है। शहर के सबसे व्यस्त एबी रोड पर 6.4 किमी लंबा और 15.5 मीटर चौड़ा ब्रिज बनेगा। इस रोड का 46 फीसदी ट्रैफिक इस पर शिफ्ट होगा। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी गई। बैठक में मरीमाता चौराहा पर फ्लायओवर भी मंजूर किया गया है, जिसे आईडीए बनाएगा। एलिवेटेड ब्रिज की लागत करीब 350 करोड़ रुपए रहेगी।
एलआइजी चौराहे से नौलखा चौराहे तक 350 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 7.4 किमी लंबे इस एलिवेटेड ब्रिज के लिए भूमिपूजन 17 जनवरी को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव करेंगे।
एलिवेटेड ब्रिज के लिए सर्वे प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसे बनाने वाली एजेंसी भी तय है। 31 मार्च से पहले ब्रिज का काम शुरू हो जाएगा। दो वर्ष में इसे पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा मरीमाता चौराहे और बड़ा गणपति चौराहे पर भी ब्रिज बनाए जाएंगे। इनके तैयार होने के बाद इन क्षेत्रों की यातायात समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी। रविवार को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस संबंध में एक बैठक ली।
उन्होंने कहा कि चार वर्ष से लंबित बीआरटीएस एलिवेटेड ब्रिज इंदौर के लिए यातायात के लिहाज से एक बड़ी सौगात होगी। 17 जनवरी को इंदौर में मुख्यमंत्री का रोड शो भी होगा। भाजपा नगराध्यक्ष गौरव रणदिवे ने इसकी पुष्टि की है। बैठक में सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, आइडीए अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, कलेक्टर आशीष सिंह भी शामिल हुए।
एक नजर में ब्रिज
लंबाई – 7.4 किमी
चौड़ाई – 15.5 मीटर
भुजाएं – तीन (गिटार चौराहा, गीताभवन चौराहा और शिवाजी वाटिका पर)
लागत – 350 करोड़
लक्ष्य – दो वर्ष में बनाने का
स्थिति – एजेंसी तय, 31 मार्च से पहले काम शुरू होगा
मरीमाता चौराहा ब्रिज
यातायात की समस्या को देखते हुए मरीमाता चौराहे पर भी ब्रिज बनाया जाएगा। इसे इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) बनाएगा। 600 मीटर लंबा यह ब्रिज 15वीं बटालियन पेट्रोल पंप से शुरू होकर पोलोग्राउंड चौराहे तक जाएगा। इसकी चौड़ाई 11 मीटर रहेगी। ब्रिज बनाने की लागत करीब 40 करोड़ रुपये आएगी।
बड़ा गणपति चौराहा ब्रिज
बैठक में बड़ा गणपति चौराहे पर भी ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया। यह ब्रिज अंतिम चौराहा से जिंसी की तरफ नगर निगम वर्कशाप तक बनाया जाएगा। इसकी लंबाई 550 मीटर और चौड़ाई 11 मीटर रहेगी। यहां ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज दोनों के लिए सर्वे कर लिया गया है। इसकी लागत 33 करोड़ आएगी।

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