भोपाल
मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था ठीक करने के लिए डॉ मोहन यादव सरकार आने वाले 2 सालों में 25000 चिकित्सकों के पदस्थापना करने वाली है. सरकार ने दावा किया है कि स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए किसी प्रकार की कसर नहीं छोड़ी जाएगी. सबसे बड़ी बात यह है कि स्त्री रोग विशेषज्ञों की सबसे ज्यादा कमी है.
मध्य प्रदेश के हर चुनाव में स्वास्थ्य व्यवस्था प्रमुख मुद्दा बनती आई है. इसी को दृष्टिगत रखते हुए अब सरकार 2 सालों में 25000 चिकित्सकों की भर्ती करने जा रही है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खुद इस बात की पुष्टि करते हुए कहा है कि उच्च स्तरीय स्वास्थ्य व्यवस्था को देखते हुए पीएम श्री एंबुलेंस को भी शुरू किया गया है ताकि हर वर्ग के लोगों को अच्छा और समय पर उपचार दिया जा सके. सरकार के दावों पर भरोसा किया जाए तो आने वाला 2 सालों में मध्य प्रदेश में चिकित्सकों की कमी पूरी हो जाएगी.
मध्य प्रदेश में 53% चिकित्सक ही पदस्थ
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में 4000 से ज्यादा चिकित्सकों की जरूरत है. वर्तमान समय में 53% चिकित्सक ही काम कर रहे हैं जबकि 47% चिकित्सकों की कमी बताई जा रही है. वर्तमान समय में अस्पतालों की संख्या के मुताबिक 8750 चिकित्सकों की आवश्यकता है जबकि 4500 चिकित्सक ही कार्य कर रहे हैं. इनमें से कई सेवानिवृत्ति की कगार पर है.
स्त्री रोग विशेषज्ञों की सबसे ज्यादा कमी
मध्य प्रदेश की आधी आबादी यानी महिलाओं की चिंता करने वाली मध्य प्रदेश की सरकार ने अब स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बड़ी घोषणा की है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मध्य प्रदेश में स्त्री रोग विशेषज्ञों की सबसे ज्यादा कमी है. आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्त्री रोग विशेषज्ञों की 60% सीट खाली है.

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