भोपाल
मध्यप्रदेश में अभी बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव नहीं है। इस वजह से अगले 5 दिन प्रदेश में कहीं भी तेज बारिश का अलर्ट नहीं है। मंगलवार को इंदौर, उज्जैन समेत 17 जिलों में गरज-चमक और बूंदाबांदी होने के आसार हैं।
एमपी में 21 जून को मानसून एंटर हुआ था और अगले एक सप्ताह में पूरे प्रदेश में एक्टिव हो गया था। ग्वालियर-चंबल में यह सबसे लेट पहुंचा था, लेकिन विदाई इन्हीं जिलों में सबसे पहले होगी। प्रदेश में अब तक 44.1 इंच बारिश हो चुकी है, जो मानसून के सामान्य कोटे 37.3 इंच के मुकाबले 18% अधिक है।
धार जिले के मनावर में आज सुबह मौसम का मिजाज बदला नजर आया। सुबह 5 बजे घना कोहरा छाया। इसकी वजह से सड़कों पर जीरो विजिबिलिटी रही। कृषि विभाग के एसडीओ (उप विभागीय अधिकारी)) महेश बर्मन ने बताया कि बारिश के चलते मौसम में मॉस्चर ज्यादा होने के कारण ऐसा हुआ।
अगले 24 घंटे में ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार- अगले 24 घंटे में सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, देवास, उज्जैन, इंदौर, खरगोन, बड़वानी, धार, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर में गरज-चमक और हल्की बारिश की स्थिति बनी रहेगी। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर समेत बाकी जिलों में तेज धूप खिली रहेगी।
इस साल जबलपुर संभाग अव्वल इस साल मानसूनी बारिश के मामले में जबलपुर संभाग सबसे आगे है। मंडला जिले में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। यहां 60.6 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। सिवनी में 56.8 इंच पानी गिरा है। श्योपुर, निवाड़ी और राजगढ़ में 52 इंच से अधिक बारिश हुई है। सबसे ज्यादा बारिश वाले टॉप-10 जिलों में भोपाल, सागर, अलीराजपुर, डिंडौरी और छिंदवाड़ा भी शामिल हैं।

More Stories
मध्यप्रदेश पुलिस गरबा महोत्सव: डीजीपी मकवाणा ने मां अम्बे की आरती कर किया गरबा महोत्सव का शुभारंभ
राजेश कुमार ओगरे ने मऊगंज कलेक्टर का संभाला पदभार, प्रशासनिक व्यवस्था की ली जानकारी
भोपाल मंडल पर तत्काल आरक्षण हेतु टोकन वितरण की नई एवं पारदर्शी व्यवस्था 01 अगस्त 2026 से लागू