ग्वालियर।
लोकसभा चुनाव को लेकर शुरुआती दौर की सरगर्मियों के बीच अब ग्वालियर-चंबल में भी इसका सियासी असर दिखाई देने लगा है। इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी आज अपने जिला कार्यालय मुखर्जी भवन पर मंथन कर रही है। इसके लिए संभाग भर से आए पार्टी के विस्तारक चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा करने वाले हैं। वहीं कांग्रेस अपने वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की 22 फरवरी को प्रस्तावित यात्रा को लेकर तैयारियों में व्यस्त है।
इस बीच लोकसभा चुनाव के लिए ग्वालियर-चंबल अंचल की चारों सीटों के लिए संभावित दावेदारों के नामों को लेकर भी चर्चाएं चलने लगी है। खासतौर से भाजपा की ओर से चुनाव में ताल ठोकने वाले नेताओं को लेकर जहां संगठन ने अपने कैडर का मन टटोलने का काम शुरु कर दिया है, वहीं आम जनता के बीच भी कई नेताओं के नाम चर्चाओं में आ रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम है केन्द्रीय मंत्री ज्यातिरादित्य सिंधिया का, जिनको लेकर माहौल भी बनता दिख रहा है। लोगों में भी उनके चुनाव क्षेत्र को लेकर सबसे ज्यादा जिज्ञासा है।
भाजपा के अंदरखाने से लेकर सियासी हलकों में चल पड़ी चर्चाओं के मुताबिक केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को ग्वालियर या गुना में से किसी एक सीट से चुनाव मैदान में उतारे जाने की संभावना है। गौरतलब है कि बीजेपी के केन्द्रीय नेतृत्व की ओर से भी इस बात के संकेत दिए जा चुके हैं कि इस बार पार्टी अपने कई केन्द्रीय मंत्रियों और उन राज्यसभा सांसदों को लोकसभा चुनाव लड़ा सकती है, जिनका कार्यकाल 2024 से 26 के बीच समाप्त हो रहा है। इनमें केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया का नाम भी शामिल है। इनके साथ ही भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया का भी नाम चर्चाओं में है।
मुरैना में जातिगत गणित पर फोकस
इस बीच मुरैना संसदीय सीट पर इस बार भी जातीय समीकरणों को ध्यान में रखकर रणनीति बनाई जा रही है। मौजूदा लोकसभा में यहां से पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं अब विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर सांसद चुने गए थे। वहीं इस बार भी पार्टी के कुछ रणनीतिकार यहां से किसी तोमरवंशी नेता को मैदान में उतारने की वकालत कर रहे हैं। इसको देखते हुए पहले दौर की चर्चा में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर और नगर निगम सभापति मनोज तोमर के नाम बनाए जा रहे हैं।
भिण्ड से भी नए नाम की तलाश
उधर चंबल संभाग की भिण्ड-दतिया लोकसभा सीट को लेकर भी बीजेपी इस बार बदलाव के मूड में दिखाई दे रही है। बताया जाता है कि मौजूदा लोकसभा के सांसदों की संगठनात्मक व क्षेत्रीय सक्रियता के साथ-साथ उनके कामकाज को लेकर संगठन ने जो ग्रेडिंग लिस्ट बनाई है, उसमें भिण्ड की सांसद डेंजर जोन में शामिल हैं। ऐसे में पार्टी इस बार यहां से किसी नए नेता को मौका दे सकती है। इस सीट को लेकर बीजेपी के अंदरखाने में जो खिचड़ी पक रही है, उसके लिहाज से यहां से नए युवा चेहरे के अलावा कांग्रेस से भाजपा में आए नेता का नाम आगे बढ़ सकता है।

More Stories
मध्यप्रदेश पुलिस गरबा महोत्सव: डीजीपी मकवाणा ने मां अम्बे की आरती कर किया गरबा महोत्सव का शुभारंभ
राजेश कुमार ओगरे ने मऊगंज कलेक्टर का संभाला पदभार, प्रशासनिक व्यवस्था की ली जानकारी
भोपाल मंडल पर तत्काल आरक्षण हेतु टोकन वितरण की नई एवं पारदर्शी व्यवस्था 01 अगस्त 2026 से लागू