उमरिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शहडोल में रैली कर एमपी में चुनावी अभियान का आगाज किया है। शहडोल से जब उन्हें दिल्ली के लिए रवान होना था तो हेलीकॉप्टर में फ्यूल खत्म हो गया है। इसके बाद जबलपुर से फ्यूल मंगाया है। फ्यूल आया तो मौसम खराब हो गया है। इसके बाद हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाई। राहुल गांधी फिर शहडोल में रात्रि विश्राम करने का फैसला किया। मंगलवार की सुबह वह दिल्ली जाने के लिए सड़क मार्ग से उमरिया पहुंचे। इस दौरान उन्होंने महुआ का स्वाद चखा है।
सड़क मार्ग से पहुंचे उमरिया
दरअसल, राहुल गांधी सुबह शहडोल से दिल्ली के लिए उड़ान नहीं भर पाए है। उनका हेलीकॉप्टर किसी कारण से नहीं उड़ा है। इसके साथ बाद वह सड़क मार्ग से उमरिया से पहुंचे। उमरिया में उनके लिए प्राइवेट प्लेन खड़ी थी। इसी से राहुल गांधी दिल्ली गए हैं। एयर स्ट्रीप पर पहुंचने से पास स्थित कब्रिस्तान में कुछ महिलाएं महुआ चुन रही थीं। राहुल गांधी ने उन महिलाओं से बात की है।
राहुल ने चखा महुआ का स्वाद
वहीं, महुल चुन रहीं महिलाओं के साथ राहुल गांधी ने बात की है। साथ ही उन्होंने महुआ का स्वाद चखा है। वह कुछ देर स्थानीय महिलाओं से कब्रिस्तान में बात करते रहे हैं। राहुल गांधी के सामने स्थानीय महिलाओं ने अपनी समस्याओं को रखा है। राहुल गांधी महुआ खाते हुए उनसे बात करते रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में महुआ का कई प्रयोग किया जाता है। इसके साथ ही आदिवासी इसका प्रयोग देसी शराब बनाने के लिए भी करते हैं।
कलेक्टर नहीं आदिवासी समिति चलाएंगे जिला
राहुल गांधी ने शहडोल में जनसभा को संबोधित करते हुए एक दिन पहले बड़ा दांव चला था। उन्होंने आदिवासी के लिए एक बड़ा घोषणा की है। राहुल गांधी ने कहा कि हमारी सरकार आएगी तो जिन जिलों में आदिवासियों की आबादी 50 फीसदी से अधिक होगी, उस जिले में कलेक्टर नहीं होंगे और जिला आदिवासी समिति के लोग चलाएंगे।

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