भोपाल
रतलाम सिटी से विधायक चेतन्य कुमार काश्यप इस बार भी विधायक के रूप में मिलने वाले वेतन-भत्ते नहीं लेंगे। इसकी घोषणा उन्होंने विधानसभा में की। काश्यप ने कहा कि राष्ट्रसेवा और जनहित मेरा ध्येय है और इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए मैं राजनीति में आया हूं। किशोरवस्था से ही समाज सेवा के कार्यों में अग्रसर हूं तथा कई सेवा संस्थानों में प्रकल्पों का संचालन कर रहा हूं। ईश्वर ने मुझे इस योग्य बनाया है कि मैं जन सेवा में थोड़ा सा योगदान कर सकूं, इसी तारतम्य में मैंने विधायक के रूप में प्राप्त होने वाले वेतन भत्ते एवं पेंशन नहीं लेने का निश्चय किया है। पिछली दो विधानसभा में भी मैंने वेतन भत्ते ग्रहण नहीं किए थे। इस राशि का राज्य के कोष से आहरण ही न हो ताकि उसका सदुपयोग प्रदेश के विकास एवं जनहित के कार्यों में हो सके।
कमल नाथ अब किस मुंह से सदन में आएं
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने छिंदवाड़ा से विधायक कमल नाथ के सत्र से अनुपस्थित रहने की अनुमति पर सदन की सहमति की सूचना पढ़ी। इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस सदन में नहीं आने लायक तो उनको इनकी पार्टी ने ही बनाया है। उन्हें नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से भी हटा दिया, अब वे किस मुंह से यहां पर आएं। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार कहा ने कि शायद कैलाश जी को पता नहीं है, उनके यहां परिवार में गमी हो गई है, इस कारण वे नहीं आ पाए।

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