सतना
बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए राज्य शासन के निर्देशानुसार सतना जिले में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अनुराग वर्मा के निर्देशन में 11 से 18 जून तक सड़क पर रहने वाले बच्चों के पुनर्वास नीति के तहत रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। सतना शहर में चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्र में कार्यवाही के लिए दल भी गठित किए गए हैं। जिनके द्वारा अभियान के प्रथम दिवस मंगलवार को सेमरिया चौराहे मे स्थित मंदिर परिसर से 6 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। इन बच्चों को उम्र लगभग 2 वर्ष से लेकर 9 वर्ष तक की है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी सौरभ सिंह ने बताया कि गठित दल के सदस्यों द्वारा बच्चों को परिवार सहित रेस्क्यू कर जिला बाल संरक्षण इकाई लाया गया। जहॉ बच्चों को मां और दादी को परामर्श दिया गया तथा बच्चों की जानकारी एसआईआर, आईसीपी और सर्वे प्रपत्र मे दर्ज की गई तथा बच्चों को उनके घर तक टीम द्वारा भेजा गया। बच्चों को शासकीय योजनाओं से जोड़ने की कार्यवाही की जा रही है। इसी प्रकार दूसरे दल ने सांई मंदिर (राजेन्द्र नगर) के पीछे रेलवे परिसर में अस्थायी रूप से निवासरत परिवारों तथा बच्चों से जानकारी प्राप्त की। जो चंदिया जिला उमरिया तथा बड़वारा जिला कटनी के निवासी है और कुछ समय से सतना में रह रहें है। परिवारों एवं बच्चों को समझाइस दी गई कि बाल भिक्षावृत्ति अपराध है। बच्चों को आंगनवाडी केन्द्र और विद्यालय में प्रवेश करवाने के लिये मात-पिता को समझाईस दी गई।

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