पीलीभीत
यूपी के पीलीभीत में अक्सर बाघ बस्ती में घुस जाते हैं और आतंक फैल जाता है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक ताजा वीडियो में जो कुछ दिख रहा है उससे तो यही लग रहा है कि लोगों के दिलों से बाघ का डर निकल गया है और भीड़ को लेकर बाघ भी सहज नज़र आने लगे हैं। इस वीडियो में एक बाघ छत और दीवार पर घूमकर देर तक पोज देते नज़र आ रहा है और चारों तरफ मौजूद भीड़ लगातार अपने मोबाइल कैमरों के जरिए उसे वीडियो की शक्ल में कैद करने पर आमादा हैं। लोगों का कहना है कि बाघ करीब छह-सात घंटे तक रिहायशी इलाके में यूं ही घूमता रहा और लोग अलग-अलग एंगिल से उसका वीडियो बनाते रहे।
यह बाघ देर रात पीलीभीत के कलीनगर तहसील क्षेत्र के अटकोना में घुस आया था। लोगों की उस पर नज़र पड़ी तो एकबारगी होश उड़ गए। रात के करीब डेढ़-दो बज रहे थे। बाघ की सूचना जंगल में आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई। लोग सतर्क हो गए। इसी बीच किसी ने वन विभाग को भी सूचना दे दी। इसके साथ ही रस्सी, तार और एक तरह के जाल से बाघ जिस एरिया में था उसे सील कर दिया गया। बाघ गुरुद्वारे के बगल में सुरेंद्र सिह के आवास के पास घंटों डेरा जमाए रहा। सुरेंद्र सिंह के बेटे सुखप्रीत (उम्र 16 वर्ष) रात में किसी वक्त जागे थे। उन्होंने सबसे पहले बाघ को देखा। गांव में खबर फैली तो भीड़ जुट गई। वन विभाग के अधिकारी भी पहुंचे। कई घंटे तक बाघ दीवार और इधर-उधर कभी चहलकदमी तो कभी आराम करता रहा। इस बीच उच्चाधिकारियों की इजाजत लेकर रेस्क्यू टीम ने बाघ को ट्रेंकुलाइज कर लिया ताकि उसे वापस ले जाकर जंगल में छोड़ा जा सके।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बाघ दीवार पर आराम फरमाता नज़र आया। उसके चारों ओर गांववाले इक्ट्ठा दिख रहे हैं। हालांकि दीवार के चारों ओर बाड़ेबंदी भी की गई थी। फिर भी बाघ यदि हमला करता तो ये बाड़ेबंदी उसकी राह में बहुत बाधक नहीं बनती। स्वभाव के बिपरीत यहां बाघ अक्रामक नहीं था। लोग बेधड़क बाघ से डरे बिना चारों तरफ खड़े होकर उसका वीडियो बनाते रहे। करीब छह से सात घंटे बाघ यूं ही दीवार के ऊपर घूमता-टहलता रहा। वह कभी लेट जाता तो कभी इधर-उधर टहलने लगता। सुबह हुई तो मौके पर भीड़ और बढ़ने लगी। तमाम लोग घरों की छतों पर खड़े होकर बाघ का वीडियो बनाते नज़र आए। कुछ पुलिसवाले भी मौके पर मौजूद रहे।

More Stories
राजेश कुमार ओगरे ने मऊगंज कलेक्टर का संभाला पदभार, प्रशासनिक व्यवस्था की ली जानकारी
भोपाल मंडल पर तत्काल आरक्षण हेतु टोकन वितरण की नई एवं पारदर्शी व्यवस्था 01 अगस्त 2026 से लागू
अशोकनगर बायपास परियोजना में करोड़ों के भूमि घोटाले की आशंका! एलायमेंट बदलने, गरीबों की पट्टे की जमीनों की बिक्री और भूमाफियाओं की कथित खरीद-फरोख्त पर उठे गंभीर सवाल