अयोध्या
अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर हर तरफ धूम है। पूरा देश राम मय हो गया है। वहीं, झारखंड के जमशेदपुर जिले में गोबर से बने 11 हजार दीपक अयोध्या भेजे गए हैं।
स्वदेशी आंदोलन की प्रवर्तक सीमा पांडेय ने बताया कि मुझे इसकी प्रेरणा कामेश्वर चौपाल ने दी, जिन्होंने निर्माणाधीन श्री राम मंदिर का शिलान्यास किया था। इसे बनाने में लगभग 7 माह लगे थे। इन दीयों को विहिप, गोरक्षा विभाग के त्रिलोकीनाथ बागी अयोध्या पहुंचाए थे। मुझे भी दीयों के साथ अयोध्या जाने की इच्छा थी, लेकिन इसी बीच 10 हजार अन्य दीयों का आर्डर मिल गया, जिससे व्यस्त हो गई। इसका काम अभी चल रहा है। हम अपनी ओर से शहर के प्रमुख मंदिरों में गोबर का दीपक दे रहे हैं।
बता दें कि अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर के उद्घाटन का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। मंदिर के गर्भगृह में रामलला विराजमान हो चुके हैं। अयोध्या में रामोत्सव और जश्न की तैयारियां जोर-शोर से हो रही हैं। हर तरफ सजावट हो रही है। इस सबके बीच अयोध्या में दुनिया का सबसे बड़ा दीपक भी जल चुका है। लगभग 300 फीट डायामीटर का ये दीपक 1008 टन मिट्टी से बना है। इतना ही नहीं, इस दीपक को लगातार जलाए रखने में 21 हजार लीटर से अधिक तेल का उपयोग किया जाएगा।

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