लखनऊ
होटल में एक महिला आरक्षी के साथ पाए गए एक पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) को उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर गोरखपुर में प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) में पदावनत कर आरक्षी बना दिया गया है। पीएसी, गोरखपुर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पीएसी, 26 वीं वाहिनी गोरखपुर के कमांडेंट आनन्द कुमार ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर कृपाशंकर कनौजिया (59) को उनके प्रथम नियुक्ति के पद अर्थात आरक्षी (कांस्टेबल) के मूल पद पर पदावनत कर दिया गया है।
कुमार ने बताया कि आदेश का अनुपालन करते हुए कनौजिया को आरक्षी बनाकर वाहिनी व्यवस्था के आधार पर वाहिनी के एक दल में नियुक्त किया जाता है।
उन्नाव जिले में पुलिस उपाधीक्षक (बीकापुर) पद के रहने दौरान कनौजिया को एक महिला के साथ होटल में पाये जाने के बाद निलंबित कर दिया गया था। सितंबर 2021 में बहाली के बाद उन्हें गोरखपुर पीएसी में तैनात किया गया था लेकिन उनकी कोई जिम्मेदारी तय नहीं थी।
पुलिस मुख्यालय से 18 जून को अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) ने कमांडेंट (पीएसी गोरखपुर) को पत्र भेजकर कनौजिया को उनके मूल पद पर पदावनत करने का आदेश जारी किया।
इसके बाद कमांडेंट ने 21 जून को यह आदेश पारित किया और कनौजिया की सभी पदोन्नतियां रद्द कर दी गयीं।
इसके पहले कनौजिया के खिलाफ बड़ी सजा की सिफारिश की गई थी। दरअसल, उन्होंने पारिवारिक व्यस्तताओं का हवाला देते हुए छुट्टी ली थी लेकिन वह घर नहीं गए और कानपुर के पास एक होटल में एक महिला आरक्षी के साथ पाए गए। उनकी पत्नी ने मौके पर हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने उनके खिलाफ जांच शुरू की।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस हरकत को दुर्लभतम श्रेणी में रखा गया है, ताकि ऐसे कृत्यों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ा संदेश दिया जा सके। कनौजिया को सेवानिवृत्त होने में एक साल बाकी है और पदावनत होने के बाद उन्हें आरक्षी के सभी कर्तव्य निभाने होंगे।

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