वाराणसी
वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद की तीन महीने तक चली एएसआई रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी। वाराणसी जिला जज की अदालत ने बुधवार को इस बारे में आदेश देते हुए कहा कि रिपोर्ट की कापी हिन्दू और मुस्लिम दोनों पक्षों को मिलेगी। एएसआई ने 18 दिसंबर को रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में कोर्ट में दाखिल की थी। हिन्दू पक्ष ने उसी समय रिपोर्ट देने की मांग की थी लेकिन मुस्लिम पक्ष की आपत्ति और एएसआई टीम के चार हफ्ते तक रुकने के आग्रह पर रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हो सकी थी।
हिन्दू पक्ष के वकीलों का कहना है कि अदालत ने रिपोर्ट देने का मौखिक आदेश दे दिया है। लिखित आदेश भी जल्द आ जाएगा। इसके बाद उनकी तरफ से रिपोर्ट की नकल के लिए प्रार्थना पत्र दिया जाएगा। माना जा रहा है कि प्रार्थना पत्र दाखिल होने के बाद कल तक रिपोर्ट दोनों पक्षों को मिल जाएगी। दोनों पक्षों में रिपोर्ट को लेकर सहमति बनने की बात भी कही जा रही है। हिन्दू पक्ष के वकील विष्णु जैन के अनुसार दोनों पक्षों को हार्ड कापी सौंपी जाएगी। हिन्दू पक्ष ने ही रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की थी।
इससे पहले बुधवार को ही एएसआई ने सर्वे की रिपोर्ट यहां की फास्ट ट्रैक कोर्ट में भी दाखिल की थी। 1991 से ज्ञानवापी का मूल विवाद यहीं पर चल रहा है। 18 दिसंबर को जब एएसआई ने रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करने का आग्रह करते हुए इसी कोर्ट का हवाला दिया था। एएसआई ने कहा था कि वहां भी रिपोर्ट दाखिल करनी है इसलिए सार्वजनिक अभी नहीं किया जाए। एएसआई के आग्रह पर ही अदालत ने रिपोर्ट के सार्वजनिक करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई 24 जनवरी तक के लिए टाल दी थी। बताया जाता है कि चार हिस्सों में एएसआई ने करीब दो हजार पन्नों की यह रिपोर्ट अदालत में सील बंद लिफाफे में दाखिल की है।

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