October 17, 2026

राजेश कुमार ओगरे ने मऊगंज कलेक्टर का संभाला पदभार, प्रशासनिक व्यवस्था की ली जानकारी

भोपाल/मऊगंज: 16 अक्टूबर 2026

मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी राजेश कुमार ओगरे ने मऊगंज जिले के कलेक्टर के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। राज्य सरकार ने 13 अक्टूबर 2026 को जारी तबादला आदेश में उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी थी। इससे पहले वे मध्य प्रदेश शासन के वाणिज्यिक कर विभाग में अपर सचिव के पद पर कार्यरत थे।

पदभार ग्रहण करने के बाद राजेश कुमार ओगरे ने जिला प्रशासन के अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया तथा जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और विभिन्न विभागों के कामकाज के संबंध में जानकारी ली। इस अवसर पर अपर कलेक्टर पी.के. पांडेय, पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

2012 बैच के कद्दावर IAS अधिकारी हैं राजेश कुमार ओगरे

राजेश कुमार ओगरे मध्य प्रदेश कैडर के 2012 बैच के IAS अधिकारी हैं। मऊगंज कलेक्टर के रूप में उनकी नियुक्ति राज्य सरकार के व्यापक प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा है, जिसके तहत विभिन्न विभागों और जिलों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।

वाणिज्यिक कर विभाग में अपर सचिव के रूप में कार्य करने के बाद अब उन्हें जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। कलेक्टर के रूप में उनके दायित्वों में जिले की प्रशासनिक व्यवस्था का संचालन, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, राजस्व संबंधी मामलों की निगरानी तथा शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा शामिल होगी।

जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पर रहेगा फोकस

मऊगंज जैसे नए जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाना, आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करना और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना जिला प्रशासन के प्रमुख कार्यों में शामिल हैं।

राजेश कुमार ओगरे के सामने भी जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और जनहित से जुड़े मामलों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी। हालांकि, इन बिंदुओं को कलेक्टर के सामान्य प्रशासनिक दायित्वों और जिले की आवश्यकताओं के आधार पर संभावित प्राथमिकताओं के रूप में देखा जाना चाहिए; इन्हें उनकी ओर से घोषित आधिकारिक कार्ययोजना नहीं माना जाना चाहिए।

नए कलेक्टर के पदभार ग्रहण करने के साथ ही जिले में प्रशासनिक कार्यों के संचालन और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर उनकी निगरानी महत्वपूर्ण रहेगी। आने वाले समय में उनके कार्यकाल का आकलन प्रशासनिक निर्णयों, जन शिकायतों के निराकरण और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के आधार पर किया जाएगा।

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