August 21, 2026

रेलवे के इंजीनियरों का कमाल: खराब मदरबोर्ड की मरम्मत कर बचाए लाखों रुपये

भोपाल: 17 मार्च 2025

आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम: रेलवे कर्मचारियों ने किया इन-हाउस समाधान

मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन में पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल मंडल के अंतर्गत इलेक्ट्रिक लोको शेड, इटारसी ने एक अभिनव पहल करते हुए रेलवे के संसाधनों का न केवल कुशलतापूर्वक उपयोग किया, बल्कि उल्लेखनीय आर्थिक बचत भी सुनिश्चित की है।

वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता(कर्षण चल स्टॉक) इटारसी शेड श्री नीरज कुमार शर्मा के अनुसार इलेक्ट्रिक लोको शेड, इटारसी में वर्तमान में 269 थ्री-फेज इलेक्ट्रिक इंजनों का रखरखाव किया जाता है, और प्रत्येक लोकोमोटिव में लगा स्पीडोमीटर ट्रेन की वर्तमान गति दर्शाकर चालक दल को सुरक्षित परिचालन में मदद करता है। वर्ष 2024-25 के दौरान, गलत तरीके से मेमोरी कार्ड लगाने के कारण कुल 65 स्पीडोमीटर (55 AAL मेक एवं 10 Laxven मेक) के मदरबोर्ड के पिन क्षतिग्रस्त हो गए थे। इन कार्डों की बाजार से नई खरीद के बजाय, शेड के अनुभवी तकनीकी दल ने इन-हाउस मरम्मत का सराहनीय निर्णय लिया।

इस महत्वपूर्ण पहल का नेतृत्व इलेक्ट्रिक लोको शेड इटारसी के E-5 सेक्शन के एसएसई श्री दीपक यादव, जेई श्री अनुराग बढ़खने, टेक्निशियन-I श्री नितिन पटेल एवं टेक्निशियन-II श्री धर्मेंद्र चौरे ने किया। शेड अधिकारियों के निर्देशन में इस टीम ने अपने तकनीकी ज्ञान और उपलब्ध संसाधनों का श्रेष्ठ उपयोग करते हुए क्षतिग्रस्त मदरबोर्ड की सफल मरम्मत की।

इस अभिनव प्रयास से भारतीय रेलवे को ₹13,22,675/- की उल्लेखनीय बचत हुई है। बाजार में AAL मेक के एक मदरबोर्ड की कीमत ₹18,685 और Laxven मेक की कीमत ₹29,500 है। टीम ने अपने कुशल प्रबंधन, तकनीकी दक्षता और संसाधनों के समुचित उपयोग से रेलवे की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने कहा कि भोपाल मंडल की यह पहल न सिर्फ तकनीकी नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि रेलवे कर्मचारियों की प्रतिबद्धता, लगन और कर्तव्यनिष्ठा का परिचायक भी है। पश्चिम मध्य रेलवे भोपाल मंडल, इलेक्ट्रिक लोको शेड इटारसी के इस उल्लेखनीय प्रयास की सराहना करता है।

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