August 20, 2026

58 प्रतिशत आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर

रायपुर

सर्वोच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 58 प्रतिशत आरक्षण देने पर लगी रोक को आज हटाते हुए बड़ी राहत प्रदान की है। इससे सरकार को आरक्षण के तौर पर नियुक्ति देने का रास्ता साफ हो गया है। उल्लेखनीय है कि आरक्षण के इस मुद्दे के कारण विगत वर्षों से सरकारी पदों पर नियुक्तियां नहीं हो पा रही थी।

सोमवार को आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की युगल पीठ ने सुनवाई करते हुए सरकार के 58 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने पर अपने आदेश की मुहर लगा दी। यहां पर यह बताना भी लाजमी है कि रविवार को युवाओं को बेरोजगारी भत्ते की राशि प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने युवाओं को संबोधित करते हुए भरोसा दिलाया था कि अखबारों में अब नौकरी के भर्ती विज्ञापन ही दिखाई देंगे। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से सरकार को एक बल मिला है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट करते हुए इस जानकारी देते हुए लिखा है कि 58 प्रतिशत आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाने के निर्णय का हम सब स्वागत करते हैं। पर छत्तीसगढ़ के युवाओं के खिलाफ भाजपा के षड्यंत्र के विरूद्ध हमारा संघर्ष जारी रहेगा। राज्यपाल नए विधेयक पर हस्ताक्षर करें तभी सही न्याय मिलेगा। लड़ेंगे-जीतेंगे।

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