ग्वालियर
मध्य प्रदश में डिजिटल अरेस्ट के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। एक बार फिर एक ऐसा ही मामला ग्वालियर से सामने आया है, जहां ठगों ने नारकोटिक्स विभाग के सेवानिवृत अधिकारी राकेश गुप्ता और उनकी पत्नी को डिजिटल अरेस्ट कर किया। इसके लिए साइबर ठगों ने राकेश गुप्ता के क्रेडिट कार्ड मनी लांड्रिंग मामले में 17 कैस नाम दर्ज होने का झांसा दिया था। CBI ऑफिसर बनकर दंपती को इतना डराया की इन्होंने किसी को कुछ नहीं बताया।
क्या है पूरा मामला
शहर में रहने वाले रिटायर्ड नारकोटिक्स अधिकारी राकेश गुप्ता के पास 10 नवंबर को सुबह एक अनजान नंबर से वाट्सएप पर वायस कॉल आया। जिसमें आरोपी ने सीबीआई मुख्यालय से बात करने की बात कही। इसके बाद रिटायर्ड नारकोटिक्स राकेश गुप्ता और और उनकी पत्नी को ठगों ने CBI ऑफिसर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग के केस में संपत्ति जब्त करने की धमकी दी।
साइबर ठगों ने डराने के लिए सुप्रीम कोर्ट से वारंट जारी होने तक का झांसा दिया। वहीं ठगों ने रिटायर्ड नारकोटिक्स ऑफिसर से बदले में की पैसे की मांग की। जब राकेश कुमार गुप्ता को शक हुआ तो वे पत्नी के साथ घटना की शिकायत करने ग्वालियर साइबर सेल पहुंचे। जहां पुलिस को सारी बात बताई। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

More Stories
मध्यप्रदेश पुलिस गरबा महोत्सव: डीजीपी मकवाणा ने मां अम्बे की आरती कर किया गरबा महोत्सव का शुभारंभ
राजेश कुमार ओगरे ने मऊगंज कलेक्टर का संभाला पदभार, प्रशासनिक व्यवस्था की ली जानकारी
भोपाल मंडल पर तत्काल आरक्षण हेतु टोकन वितरण की नई एवं पारदर्शी व्यवस्था 01 अगस्त 2026 से लागू